Friday, February 3, 2023
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जज उत्तम आनंद की मौत मामले में इंटरपोल की मदद लेगी सीबीआई, जांच एजेंसी ने हाई कोर्ट को बताया— News Online (www.googlecrack.com)

Ranchi: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) को बताया है कि वह धनबाद के न्यायाधीश उत्तम आनंद (Dhanbad Judge Uttam Anand) की पिछले साल सुबह की सैर के दौरान की गई हत्या के मामले को सुलझाने के लिए इंटरपोल (Interpol)से मदद मांगेगी. आनंद की 28 जुलाई 2021 को सुबह की सैर के दौरान आटो से टक्कर मारकर हत्या कर दी गई थी.

सीबीआई ने जस्टिस रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ को शुक्रवार को बताया कि उसे कुछ डिजिटल सुराग मिले हैं. इसकी अमेरिका में व्हॉट्सऐप के मुख्यालय से जांच होनी जरूरी है.सीबीआई ने पीठ को बताया कि इंटरपोल की मदद लेने के लिए उसने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र भेजा है. गृह मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद जांच को आगे बढ़ाया जाएगा.

सीबीआई ने हाई कोर्ट को क्या बताया है

कार्यवाही के दौरान पीठ को सूचित किया गया कि आरोपी व्यक्तियों से व्हाट्सऐप चैट ली गई हैं. जिससे पिछले साल 28 जुलाई को धनबाद जिला अदालत के न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत के पीछे की साजिश में और लोगों के शामिल होने का संकेत मिलता है.सीबीआई के अधिकारियों की एक टीम को अमेरिका में व्हाट्सऐप के मुख्यालय जाना होगा. साजिश की तह तक पहुंचने के लिए बातचीत का विवरण निकलवाना होगा.इस मामले की अगली सुनवाई 14 अक्तूबर को होगी.

28 जुलाई 2021 को धनबाद के न्यायाधीश उत्तम आनंद की सुबह की सैर के दौरान आटो से टक्कर मारकर हत्या कर दी गई थी.घटना वाले दिन उत्तम आनंद मॉर्निंग वॉक कर अपने घर की ओर लौट रहे थे.उसी दौरान पीछे से आए एक ऑटो रिक्शा ने उन्हें टक्कर मार दी. ये पूरी घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई थी. कुछ राहगीरों ने उन्हें शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया. वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

जज उत्तम आनंद के परिवार ने क्या आरोप लगाया था

उत्तम आनंद की मौत के बाद परिवार ने आरोप लगाया था कि ये कोई सड़क हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है.इसके अगले दिन झारखंड हाईकोर्ट ने जज उत्तम आनंद की मौत पर दुख जताते हुए इस मामले की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया था. अदालत ने कहा था कि जांच की निगरानी हाईकोर्ट करेगा.

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